Science Of Breath Swami Rama Pdf In Hindi Better Site

पुस्तक के अनुसार, सीधी रीढ़ (पद्मासन या सुखासन) बिना सांस नहीं चल सकती।

परिचय: सिर्फ सांस नहीं, जीवन का विज्ञान हम सांस लेते हैं, लेकिन क्या हम सच में जानते हैं कि सांस क्या है? आधुनिक युग में, जब तनाव, चिंता और उच्च रक्तचाप आम समस्याएं बन गई हैं, प्राचीन योगिक तकनीकें एक बार फिर से प्रासंगिक हो उठी हैं। ऐसी ही एक अमूल्य पुस्तक है – "साइंस ऑफ ब्रीथ" (The Science of Breath) जिसे हिमालयन योग विद्या के महान सिद्धहस्त, स्वामी रामा ने लिखा है। science of breath swami rama pdf in hindi better

यदि आप भी उन लाखों लोगों में से हैं जो खोज रहे हैं, तो आप सही जगह पर आए हैं। यह लेख आपको बताएगा कि यह पुस्तक क्यों बेहतरीन है, इसका हिंदी PDF संस्करण क्यों मायने रखता है, और सांसों के इस विज्ञान को सीखकर आप अपना जीवन कैसे बदल सकते हैं। स्वामी रामा कौन थे? आधुनिक विज्ञान और प्राचीन योग के सेतु स्वामी रामा (1925-1996) केवल एक संत नहीं थे, बल्कि एक वैज्ञानिक, दार्शनिक और योगी थे, जिन्होंने अपने शरीर पर अनैच्छिक क्रियाओं (जैसे दिल की धड़कन और रक्त प्रवाह) को नियंत्रित करके पश्चिमी वैज्ञानिकों को चौंका दिया था। उन्होंने मेनिंगर क्लिनिक में शोध के दौरान सिद्ध किया कि योगिक प्राणायाम से शरीर के शारीरिक मापदंडों को बदला जा सकता है। पुस्तक के अनुसार

बिना बदले, 5 मिनट तक अपनी प्राकृतिक सांस को देखें। बल्कि एक वैज्ञानिक

प्राणायाम का अभ्यास करना शुरू करें। देखते ही देखते आप पाएंगे कि आपका ध्यान तेज हो गया है, चिड़चिड़ापन कम हुआ है और नींद बेहतर आने लगी है। यही है सांसों का चमत्कार।

4-4 सेकंड का चक्र: फेफड़ों को भरें, 4 सेकंड रोके, 4 सेकंड खाली करें।

धीरे-धीरे समय को 6-6, फिर 8-8 सेकंड तक ले जाएं।